सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं ने रायरंगपुर में मेगा मल्टी‑स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर में 4,000 से अधिक रोगियों का इलाज किया और 365 दृष्टि‑लौटाने वाली सर्जरी कीं
Naitik Chakravarti Times
••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
भारतीय सशस्त्र बलों ने रायरंगपुर में आयोजित मेगा मल्टी‑स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर में 4,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया तथा 365 दृष्टि‑सुधार सर्जरी सफलतापूर्वक सम्पन्न की।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) ने रायरंगपुर में एक मेगा मल्टी‑स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर के दौरान 4,000 से अधिक रोगियों का उपचार किया। इस शिविर में आर्थोपेडिक, गाइनकोलॉजिकल, पेडियाट्रिक, नेत्र एवं इमरजेंसी केयर सहित 12 प्रमुख विभागों की टीम ने उपस्थित रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कीं। शिविर के दौरान 365 दृष्टि‑लौटाने वाली सर्जरी, जिनमें रेटिनल डिटैचमेंट, मोतियाबिंद हटाने और कॉर्नियल ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाएँ शामिल थीं, सफलतापूर्वक सम्पन्न हुईं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था। AFMS के प्रमुख ने बताया कि इस शिविर में 1,200 से अधिक नज़दीकी गाँवों के निवासियों को प्राथमिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मिली। शिविर में उपस्थित चिकित्सकों ने रोगियों की जांच, निदान और उपचार के बाद विस्तृत फॉलो‑अप प्रोटोकॉल भी स्थापित किया। शिविर के दौरान उपलब्ध सुविधाओं में रेडियोलॉजी, लैबोरेटरी, ऑपरेटिंग थिएटर और ICU शामिल थे, जिससे जटिल मामलों का भी त्वरित समाधान संभव हुआ।
यह पहल भारतीय सशस्त्र बलों के “कंटिन्यूइंग केयर” कार्यक्रम के अंतर्गत आती है, जो ग्रामीण एवं पिछड़े वर्गों के लिए निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है। AFMS ने इस शिविर के माध्यम से दिखाया कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ न केवल युद्ध के मैदान पर बल्कि नागरिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। शिविर के समाप्त होते ही, AFMS ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि 4,000 से अधिक रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ मिलीं और 365 दृष्टि‑सुधार सर्जरी के माध्यम से हजारों परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ।