गोवा ने लागू की जीवनभर टीकाकरण नीति, बच्चों के साथ वयस्कों को भी मिलेगा वैक्सीन सुरक्षा पर जोर
Naitik Chakravarti Times
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गोवा ने 23 सितंबर 2026 को जीवनभर टीकाकरण के लिए विशेष नीति अपनाई है। इसके तहत बच्चों के साथ वयस्कों और जोखिम वाले लोगों के टीकाकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
भारत में टीकाकरण कार्यक्रम को अब केवल बच्चों तक सीमित रखने के बजाय जीवन के अलग-अलग चरणों में स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया गया है। गोवा देश का पहला ऐसा राज्य बना है जिसने जीवनभर टीकाकरण के लिए अलग नीति अपनाई है।
यह नीति वर्ष 2026 से 2036 तक के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य बच्चों, युवाओं, वयस्कों और बुजुर्गों को उनकी उम्र तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराना है।
नीति के पहले चरण में इन्फ्लुएंजा, न्यूमोकोकल और हेपेटाइटिस-B टीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों जैसे समूहों को प्राथमिकता देने की योजना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ संक्रमणों से बचाव के लिए वयस्कों और बुजुर्गों का टीकाकरण भी महत्वपूर्ण हो सकता है। जीवनभर टीकाकरण की नीति से बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।
गोवा की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। हालांकि, किस व्यक्ति को कौन-सा टीका लगवाना चाहिए, इसका निर्णय उसकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार होना चाहिए।