विशेष अभियान 6: जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की उपलब्धियाँ
Naitik Chakravarti Times
••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
जल संसाधन एवं नदी विकास विभाग ने अपनी नई पहल के तहत जल प्रबंधन, नदी विकास परियोजनाओं और गंगा संरक्षण कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
भारत सरकार के जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय ने आज अपने नवीनतम “विशेष अभियान 6” के तहत जल प्रबंधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण के क्षेत्र में की गई उपलब्धियों का खुलासा किया। इस अभियान का उद्देश्य देश भर में जल संकट को कम करना, नदी तटों के पुनर्विकास को तेज़ी देना और गंगा के पर्यावरणीय स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करना है।
अभियान के तहत प्रमुख उपलब्धियों में 3,000 किमी से अधिक नई जलाशयों और बाँधों की स्थापना, 2,500 किमी तक के नदी तटों पर परिदृश्य सुधार कार्य, और 1,200 किमी गंगा के साथ-साथ 500 किमी के निचले प्रवाह में जल शुद्धिकरण संयंत्रों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं ने क्षेत्रीय कृषि उत्पादन में 12 % की वृद्धि, जल उपलब्धता में 18 % सुधार, और गंगा के जल गुणवत्ता सूचकांक में 15 % की बढ़ोतरी की है।
साथ ही, गंगा संरक्षण विभाग ने “गंगा पुनरुत्थान कार्यक्रम” के तहत 50 करोड़ रुपये की नई फंडिंग को मंजूरी दी है, जिससे गंगा के निचले प्रवाह में 30 लाख परिवारों को स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग ने जल संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु “स्मार्ट वॉटर” पहल भी शुरू की है, जिसमें डिजिटल निगरानी और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन संभव हो रहा है।
इन सभी कदमों के माध्यम से भारत सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन को अधिक समावेशी और सतत बनाने की दिशा में ठोस प्रगति की है। “विशेष अभियान 6” की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि समन्वित नीति, वैज्ञानिक तकनीक और सार्वजनिक भागीदारी के संगम से जल संकट का सामना किया जा सकता है और गंगा जैसी पवित्र नदियों की शुद्धता और जीवन शक्ति को पुनः स्थापित किया जा सकता है।