गुरुवार, 5 नवंबर 2026
Englishहिन्दीਪੰਜਾਬੀ
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा
टॉपराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा

नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स

Your News, Your Language

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क
  • पत्रकार के रूप में जुड़ें

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)

हमें फॉलो करें

Email: naitikchakravartitimes@gmail.com

Phone: +91-9453515239

© 2026 Naitik Chakravarti Times Publications. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
MSME कारोबारियों का भरोसा बढ़ा, SIDBI के सर्वे में विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति में सुधार
  1. होम
  2. व्यवसाय
व्यवसाय

MSME कारोबारियों का भरोसा बढ़ा, SIDBI के सर्वे में विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति में सुधार

Naitik Chakravarti TimesNaitik Chakravarti Times
•27 अक्टूबर 2026 को 07:49 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

SIDBI के सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई–सितंबर 2026 की तिमाही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कारोबारी विश्वास सूचकांक 59.3 से बढ़कर 60.4 हो गया। विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में कारोबारी धारणा में सुधार देखा गया, हालांकि बढ़ती लागत अब भी चुनौती बनी हुई है।

नई दिल्ली। भारत के छोटे और मध्यम कारोबारों से जुड़ी एक नई रिपोर्ट में कारोबारी विश्वास में सुधार के संकेत मिले हैं। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में MSME बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स बढ़कर 60.4 पर पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 59.3 था।

MSME क्षेत्र में छोटी विनिर्माण इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न सेवाएं देने वाले व्यवसायों को शामिल किया जाता है। यह क्षेत्र रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सर्वेक्षण में विनिर्माण क्षेत्र के कारोबारियों ने बिक्री से जुड़े संकेतों को लेकर बेहतर धारणा व्यक्त की। सेवा क्षेत्र में भी कारोबारी विश्वास में सुधार दर्ज किया गया, जबकि व्यापार क्षेत्र का दृष्टिकोण सकारात्मक बना रहा।

हालांकि, कच्चे माल, ऊर्जा और अन्य व्यावसायिक जरूरतों की बढ़ती लागत छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में कारोबार का विस्तार करने के लिए लागत नियंत्रण, डिजिटल तकनीक का उपयोग और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाना महत्वपूर्ण हो सकता है।

छोटे उद्यमों की कारोबारी स्थिति में सुधार का असर स्थानीय बाजारों, आपूर्ति व्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है। आने वाली तिमाहियों में मांग, उत्पादन लागत और वित्तीय उपलब्धता की स्थिति इस क्षेत्र की प्रगति को प्रभावित करेगी।
साझा करें:
Naitik Chakravarti Times

Naitik Chakravarti Times

अनुभवी पत्रकार और लेखक

More from व्यवसाय

महिला‑नेतृत्व वाले MSME को सहायता हेतु SRIs फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
व्यवसाय

महिला‑नेतृत्व वाले MSME को सहायता हेतु SRIs फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

5 नव॰ 2026
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता हेतु SRFI फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की
व्यवसाय

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता हेतु SRFI फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

5 नव॰ 2026
**
व्यवसाय

**

5 नव॰ 2026
** खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन गोवा में आयोजित होगा
व्यवसाय

** खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन गोवा में आयोजित होगा

5 नव॰ 2026
** जेलर 2 OTT: OTT पर कब आएगा जेलर 2?
व्यवसाय

** जेलर 2 OTT: OTT पर कब आएगा जेलर 2?

5 नव॰ 2026
भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को प्रोत्साहन देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए आईआईसीए ने आईएएमसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
व्यवसाय

भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को प्रोत्साहन देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए आईआईसीए ने आईएएमसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

5 नव॰ 2026