** खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन गोवा में आयोजित होगा
Naitik Chakravarti Times
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** देश के खनन क्षेत्र की नीति, निवेश और पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा के लिए खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन गोवा में दो दिन तक आयोजित किया जाएगा।
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खानपान और खनन मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश के सभी खनन मंत्रियों, प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच चौथा खनन मंत्रियों का सम्मेलन गोवा में दो दिनों के लिए आयोजित होगा। यह सम्मेलन पिछले तीन सम्मेलनों के बाद आयोजित किया जा रहा है, जहाँ भारत के खनन नीतियों में सुधार, विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उपाय और सतत् खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ था। इस बार के मंच पर ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला, और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में खनन उद्योग की जिम्मेदारियों को प्रमुख एजेंडा के रूप में रखा गया है।
सम्मेलन में प्रमुख बिंदुओं में खनन लाइसेंसिंग प्रक्रिया का सरलीकरण, डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके खनन संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, तथा पुनर्वास और पुनर्स्थापना (रेहैबिलिटेशन) के लिए नवीनतम वैज्ञानिक विधियों का परिचय शामिल है। साथ ही, सरकार ने कहा है कि यह मंच निवेशकों को स्पष्ट नीति दिशा-निर्देश प्रदान करेगा, जिससे भारत में खनन परियोजनाओं के लिए पूंजी प्रवाह में वृद्धि की उम्मीद है। पर्यावरणीय संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि सतत विकास लक्ष्यों के साथ खनन के सामाजिक-पर्यावरणीय प्रभावों को संतुलित किया जा सके।
पिछले सम्मेलनों में प्रस्तावित कई पहलें, जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से चलने वाले खनन उपकरण और खनन स्थल पर जल पुनर्चक्रण प्रणाली, अब कार्यान्वयन के चरण में हैं। इस सम्मेलन के परिणामस्वरूप जारी किए जाने वाले संयुक्त बयान से उम्मीद की जा रही है कि भारत के खनन क्षेत्र में नीतिगत स्थिरता, निवेश आकर्षण और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के बीच संतुलन स्थापित होगा, जिससे आर्थिक विकास के साथ-साथ सतत पर्यावरण संरक्षण भी साकार हो सकेगा।