सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता हेतु SRFI फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की
Naitik Chakravarti Times
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एमएसएमई मंत्रालय ने महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध SRFI फंड के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता और विकास के नए अवसरों के बारे में जानकारी मिली।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लक्षित करते हुए SRFI फंड पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के स्वामित्व वाले व्यवसायों को उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण शर्तें और प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। कार्यशाला में एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारी, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और कई महिला उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान, SRFI फंड के तहत उपलब्ध 15 प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण, 12 महीनों तक की ब्याज-मुक्त अवधि और 10 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी के बारे में बताया गया। इसके अलावा, फंड के आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, और पात्रता मानदंडों पर भी प्रकाश डाला गया। महिला उद्यमियों को यह बताया गया कि फंड का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बाज़ार विस्तार के लिए किया जा सकता है। कार्यशाला में एक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सफल महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया कि वे वित्तीय सहायता का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएँ।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता के प्रति जागरूक करके उन्हें सशक्त बनाया जाए। SRFI फंड के माध्यम से महिलाओं द्वारा संचालित एमएसएमई को वित्तीय बाधाओं से मुक्त कर, उनके व्यवसायिक विकास को गति दी जा सके।” यह पहल महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और लघु उद्योगों में लिंग समानता को सुदृढ़ करने के लिए मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।