माई भारत ने राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा के लिए पदयात्रा’ का आयोजन किया
Naitik Chakravarti Times
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माई भारत संस्था ने युवाओं को नशा मुक्त जीवन के प्रति जागरूक करने हेतु देशभर में एक पदयात्रा का शुभारंभ किया, जिसमें हजारों युवा और समाजसेवी भाग लेने की उम्मीद है।
माई भारत, जो कि नशा मुक्ति और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रमुख NGO है, ने देशभर में ‘नशा मुक्त युवा के लिए पदयात्रा’ के नाम से एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य नशा सेवन से प्रभावित युवाओं के बीच जागरूकता फैलाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। माई भारत के संस्थापक, डॉ. राजीव पाटिल ने कहा, “हमारा लक्ष्य नशा मुक्त समाज की नींव रखना है, और इस पदयात्रा के माध्यम से हम युवाओं के दिलों में परिवर्तन के बीज बोना चाहते हैं।”
पदयात्रा का मार्ग राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शहरों से होकर गुजरता है, जिसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बंगलौर जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं। हर शहर में स्थानीय स्वयंसेवकों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर नशा मुक्ति कार्यशालाएँ, स्वास्थ्य जांच और प्रेरणादायक भाषण आयोजित किए जाएंगे। 10,000 से अधिक युवा और उनके परिवारों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, और पंजीकरण के दौरान उन्हें नशा मुक्ति संसाधन और परामर्श सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस कार्यक्रम के तहत माई भारत ने सरकारी स्वास्थ्य विभागों, पुलिस बलों और स्कूलों के साथ सहयोग किया है ताकि नशा विरोधी संदेश को व्यापक रूप से फैलाया जा सके। पिछले वर्ष के इसी अभियान के दौरान 5,000 से अधिक युवाओं ने नशा मुक्ति कार्यक्रमों में भाग लिया था, और उनके बीच नशा सेवन में 15% की कमी दर्ज की गई थी। माई भारत के अनुसार, इस बार की पदयात्रा से नशा मुक्त जीवन के प्रति जागरूकता में और भी गहरा बदलाव आने की संभावना है, और भविष्य में इसी मॉडल को अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी लागू किया जा सकता है।