मत्स्य निवेशक एवं निर्यातक कॉन्क्लेव 2026 अंतर्देशीय मत्स्य पालन में निवेश, मूल्यवर्धन और निर्यात के अवसरों पर केंद्रित होगा
Naitik Chakravarti Times
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2026 में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव, अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में निवेश, मूल्यवर्धन और निर्यात के नए अवसरों पर प्रकाश डालेगा, जिससे देश के जल उत्पादन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन भारत की कृषि‑मछलीकर्म उद्योग की वह शाखा है, जिसमें जलाशयों, तालाबों और नदियों में मछली पालन के लिए व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं। 2026 में आयोजित होने वाला मत्स्य निवेशक एवं निर्यातक कॉन्क्लेव, इस क्षेत्र के निवेशकों, उत्पादनकर्ताओं, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को एक मंच पर एकत्रित करेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निवेश के अवसरों का मानचित्रण करना, मूल्यवर्धन के लिए तकनीकी और विपणन समाधान साझा करना तथा निर्यात के लिए उपयुक्त उत्पादों और बाजारों की पहचान करना है।
कॉन्क्लेव में नीति-निर्माताओं द्वारा जारी की गई नवीनतम योजनाओं और प्रोत्साहन योजनाओं पर चर्चा की जाएगी, जिनमें जल प्रबंधन, फीड प्रोडक्शन, रोग नियंत्रण और प्रजनन तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय अंतर्देशीय मछलियों की मांग का विश्लेषण करते हुए निर्यात नीति, मानक एवं प्रमाणन प्रक्रियाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा। उद्योग के प्रमुख खिलाड़ियों से अपेक्षित है कि वे अपने अनुभव और सफलता की कहानियाँ साझा करेंगे, जिससे निवेशकों को व्यवहारिक मार्गदर्शन मिलेगा।
इस कॉन्क्लेव के माध्यम से अपेक्षा की जा रही है कि अंतर्देशीय मत्स्य पालन के लिए एक समग्र निवेश ढांचा तैयार किया जायेगा, जो मूल्यवर्धन के नए रास्ते खोलेगा और निर्यात को बढ़ावा देगा। इससे ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संसाधनों का सतत उपयोग और कृषि‑मछलीकर्म क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान की उम्मीद है।