** वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोगों को गिरफ्तार किया
Naitik Chakravarti Times
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** केंद्रीय राजस्व जांच एजेंसी (DRI) ने असम में चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में 86 जीवित टोके गेको जब्त कर दो तस्करों को हिरासत में लिया, जिससे जैव विविधता संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
** केंद्रीय राजस्व जांच एजेंसी (DRI) ने असम के एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब में हाल ही में आयोजित एक समन्वित ऑपरेशन में 86 जीवित टोके गेको (Tokay Gecko) जब्त किए और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई राज्य के वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को बाधित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें सीमा सुरक्षा बल, राज्य वन्यजीव प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कई जांच इकाइयों ने सहयोग किया। जब्त किए गए टोकाय गेको को विशेष कंटेनरों में सुरक्षित करके असम वन्यजीव संरक्षण विभाग को सौंपा गया, जहाँ उनका स्वास्थ्य परीक्षण और वैधता की जांच की जाएगी।
टोके गेको को दक्षिण‑पूर्व एशिया के कई हिस्सों में पारंपरिक औषधियों, पालतू पशु व्यापार और बायो‑टेक उद्योग में उच्च मांग के कारण तस्करी का शिकार बनाया जाता है। भारत में इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनुसूची‑II में सूचीबद्ध किया गया है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे सीआईटीईएस (CITES) के परिशिष्ट‑II में शामिल किया गया है, जिससे इसका व्यापार प्रतिबंधित है। DRI ने इस ऑपरेशन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वह न केवल आर्थिक अपराधों बल्कि जैव विविधता के उल्लंघनों को भी कड़ी नजर से देख रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता केवल एक शुरुआत है; असम और पड़ोसी राज्यों में वन्यजीव तस्करी के जाल को तोड़ने के लिए निरंतर निगरानी और सख्त कार्यवाही आवश्यक है। DRI ने आगे के अभियानों के लिए सूचना संग्रह, अंतर-एजेंसी सहयोग और सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने का इरादा व्यक्त किया, जिससे भविष्य में ऐसे अवैध व्यापार को जड़ से समाप्त किया जा सके।