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शिल्प समागम मेला 2026 – गुवाहाटी में रचनात्मकता का संगम
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शिल्प समागम मेला 2026 – गुवाहाटी में रचनात्मकता का संगम

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•26 अक्टूबर 2026 को 09:23 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

गुवाहाटी में 2026 के शिल्प समागम मेले के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करते हुए, विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों ने हस्तनिर्मित कलाकृतियों का प्रदर्शन किया, जिससे पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को नई ऊर्जा मिली।

गुवाहाटी में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 ने असम और पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाया। यह मेला, जिसे गुवाहाटी शिल्प और सांस्कृतिक विभाग ने 2026 के वार्षिक शिल्प कार्यक्रम के रूप में घोषित किया, ने 40 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिल्पकारों को एकत्रित किया। मेले के दौरान, पंखुड़ी, बासरी, मिट्टी के बर्तन, धातुकारी और लकड़ी की नक्काशी जैसे पारंपरिक और आधुनिक शिल्पों का प्रदर्शन किया गया, जिससे दर्शकों को भारतीय शिल्पकला की गहराई और विविधता का अनुभव हुआ।

आयोजकों ने यह भी बताया कि इस वर्ष के मेले का उद्देश्य न केवल शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आर्थिक समन्वय को भी बढ़ावा देना है। मेले में शिल्पकारों को बिक्री के साथ-साथ कार्यशालाओं और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से अपने कौशल का प्रसार करने का अवसर मिला। इसके अलावा, मेले के दौरान शिल्पकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में सूचनाएँ भी प्रदान की गईं, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को सुदृढ़ करने में मदद मिले।

समीक्षकों और प्रतिभागियों ने इस मेला को "सांस्कृतिक पुनरुत्थान" और "आर्थिक विकास" के लिए एक महत्वपूर्ण कदम कहा। शिल्प समागम मेले 2026 ने गुवाहाटी को एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया, और यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय शिल्पकला की परंपरा आज भी नवाचार और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।
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