भारत के राष्ट्रपति ने स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति की मेजबानी की
Naitik Chakravarti Times
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भारत के राष्ट्रपति ने हाल ही में स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति को आधिकारिक रूप से स्वागत किया, दो देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों में चर्चा की गई।
भारत के राष्ट्रपति ने स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति को नई दिल्ली में स्वागत किया, जहाँ दो पक्षों ने आर्थिक सहयोग, सतत विकास, विज्ञान‑प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में विस्तृत बातचीत की। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले कुछ वर्षों में निरंतर बढ़ रहा है; स्विट्ज़रलैंड भारत का प्रमुख यूरोपीय निवेशक बन चुका है, जबकि भारत स्विट्ज़रलैंड को अपनी निर्यात सूची में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएँ और वस्त्रों को प्रमुख स्थान देता है। इस मुलाक़ात में ऊर्जा संक्रमण, जलवायु परिवर्तन के मुकाबले और हरे‑भरे प्रौद्योगिकी के विकास को सहयोग के मुख्य बिंदु के रूप में रेखांकित किया गया।
राष्ट्रपति ने दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान‑प्रदान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया और कई विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के बीच नई साझेदारियों की घोषणा की। स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति ने भारत में अपने निवेशकों के लिए व्यावसायिक माहौल को सराहा और भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया। इस अवसर पर दोनों राष्ट्रों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए एक कार्यशील समूह का गठन करने का प्रस्ताव भी रखा।
द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाते हुए, दोनों राष्ट्रों ने भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्रों में संयुक्त पहलें शुरू करने की आशा व्यक्त की। इस उच्च‑स्तरीय मुलाक़ात को दोनों देशों के राजनयिक और व्यावसायिक समुदायों ने सकारात्मक रूप से स्वागत किया, जिससे भारत‑स्विट्ज़रलैंड साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।