केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड में व्यापार और निवेश वार्ता की
Naitik Chakravarti Times
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भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड में आयोजित द्विपक्षीय व्यापार-निवेश वार्ता में भारतीय निर्यात को बढ़ाने और डच निवेश को आकर्षित करने के लिए रणनीतिक चर्चा की।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में आयोजित द्विपक्षीय व्यापार-निवेश वार्ता में भाग लिया। इस मंच पर दोनों देशों के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापार संघों और राजनयिकों के साथ मिलकर भारत‑नीदरलैंड आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। वार्ता में भारतीय निर्यात को बढ़ाने, विशेषकर कृषि‑उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना‑प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में, तथा डच कंपनियों को भारत में निवेश के अवसरों से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री गोयल ने बताया कि भारत का लक्ष्य 2030 तक डच निवेश को दोगुना करना और दोनो देशों के बीच वार्षिक व्यापार मात्रा को वर्तमान स्तर से 30 % तक बढ़ाना है।
नीदरलैंड, यूरोपीय संघ के भीतर भारत के प्रमुख निवेशकों में से एक है, और पिछले कुछ वर्षों में भारत में कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में उसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इस वार्ता के दौरान कई संभावित परियोजनाओं पर चर्चा हुई, जिनमें हाइड्रोजन इंधन, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों, डिजिटल बुनियादी ढांचा और कृषि तकनीकी समाधान शामिल हैं। दोनों पक्षों ने कई समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर करने का इरादा जताया, जिससे भारतीय कंपनियों को डच तकनीक और वित्तीय समर्थन प्राप्त हो सके। साथ ही, व्यापार प्रतिनिधियों ने भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को यूरोपीय बाजार में प्रवेश आसान बनाने के लिए विशेष प्रावधानों की मांग की, जिससे दोनो देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।
इस यात्रा को भारत की व्यापक विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत देखा जा रहा है, जिसमें यूरोपीय साझेदारों के साथ आर्थिक सहयोग को गहरा करना प्रमुख उद्देश्य है। मंत्री गोयल ने कहा कि इस प्रकार की उच्च‑स्तरीय वार्ताओं से दोनों देशों के बीच दीर्घ