वित्तीय सेवाएं विभाग को वित्त मंत्रालय से राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्कार
Naitik Chakravarti Times
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वित्तीय सेवाएं विभाग को वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2025‑26 के ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया, जिससे सरकारी वित्तीय संचार में हिंदी के व्यापक उपयोग और गुणवत्ता को मान्यता मिली।
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में वित्तीय सेवाएं विभाग को वर्ष 2025‑26 के ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार भारत सरकार की राजभाषा नीति के तहत हिंदी को सरकारी कार्यों में प्रमुख भाषा के रूप में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना करता है। वित्तीय सेवाएं विभाग ने पिछले दो वर्षों में सभी प्रमुख वित्तीय दस्तावेज़, रिपोर्ट, एवं सार्वजनिक सूचना सामग्री को हिंदी में उपलब्ध कराकर, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर हिंदी‑उपयोगी इंटरफ़ेस विकसित करके, तथा कर्मचारियों के लिए व्यापक हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की। इन पहलों ने न केवल आम नागरिकों के लिए वित्तीय जानकारी की पहुँच आसान बनाई, बल्कि विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि वाले उपयोगकर्ताओं में वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा दिया।
‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार का उद्देश्य सरकारी संस्थाओं द्वारा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करना और उत्कृष्टता को मान्यता देना है। इस वर्ष के चयन में विभाग द्वारा अपनाई गई तकनीकी नवाचार, जैसे स्वचालित अनुवाद मॉड्यूल, मोबाइल ऐप्स में हिंदी‑आधारित उपयोगकर्ता अनुभव, तथा वार्षिक हिंदी संवाद सत्रों की व्यापकता को मुख्य मानदंड माना गया। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह सम्मान अन्य मंत्रालयों और विभागों को भी हिंदी के उपयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को सुदृढ़ किया जा सके। इस उपलब्धि को देखते हुए, वित्तीय सेवाएं विभाग ने आगे भी हिंदी में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों का विस्तार करने और बहुभाषी डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करने की योजना घोषित की है।