भारत सरकार ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति’ का गठन किया
Naitik Chakravarti Times
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सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र के विकास के लिए एक नई उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन, डिजिटल परिवर्तन और नियामक सुधारों पर सिफारिशें तैयार करना है।
भारत सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नई उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसे ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति’ नाम दिया गया है। इस समिति का गठन केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा किया गया और इसके अध्यक्ष के रूप में वित्त मंत्री को नामित किया गया। समिति में प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, जैसे कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), प्रमुख सार्वजनिक और निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही वित्तीय टेक्नोलॉजी (FinTech) कंपनियों के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
समिति का मुख्य कार्य बैंकिंग प्रणाली के विभिन्न पहलुओं—जैसे कि डिजिटल बैंकों का विस्तार, ऋण उपलब्धता, जोखिम प्रबंधन, और ग्राहक संरक्षण—पर व्यापक समीक्षा करना और नीति सिफारिशें प्रस्तुत करना है। विशेष रूप से, समिति ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग पहुँच बढ़ाने के लिए डिजिटल चैनलों और मोबाइल बैंकिंग के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी। इसके अतिरिक्त, समिति नियामक ढाँचे को सरल बनाने, पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) में सुधार और साइबर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए भी सुझाव तैयार करेगी।
इस कदम का उद्देश्य भारत को विश्व के सबसे गतिशील बैंकिंग बाजारों में से एक बनाने के लिए एक ठोस नींव तैयार करना है। सरकार ने यह भी रेखांकित किया है कि समिति द्वारा दी गई सिफारिशें नीतिगत निर्णयों में तुरंत परिलक्षित होंगी, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल के तहत आने वाले महीनों में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी होने की उम्मीद है, जो वित्तीय क्षेत्र के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेगी।