** सात महीनों में भारत की फिनिश्ड स्टील खपत 100 मिलियन टन के करीब
Naitik Chakravarti Times
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** अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक फिनिश्ड स्टील की खपत में तेज़ी देखी गई, जिससे भारत की कुल खपत लगभग 100 मिलियन टन तक पहुँच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।
** अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक की अवधि में भारत ने फिनिश्ड स्टील की खपत में लगभग 100 मिलियन टन तक पहुँचा, जिससे इस क्षेत्र में निरंतर वृद्धि का संकेत मिलता है। इस वृद्धि का मुख्य कारण देश में चल रहे बुनियादी ढाँचा विकास, आवास निर्माण और औद्योगिक विस्तार है। सरकार की “अटल भारत 2030” योजना के तहत सड़कों, रेल मार्गों और बंदरगाहों में बड़े‑पैमाने पर निवेश, साथ ही आवासीय परियोजनाओं में तेज़ी से आगे बढ़ते निजी और सार्वजनिक दोनों पहल, फिनिश्ड स्टील की मांग को बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में बढ़ती रुचि ने भी इस धातु के उपयोग को विविध बनाया है, जहाँ स्टील के हल्के और टिकाऊ घटकों की आवश्यकता बढ़ रही है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस खपत स्तर पर पहुंचना भारतीय स्टील उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादन क्षमता में सुधार का परिणाम है। पिछले वर्षों में कई बड़े स्टील प्लांटों का आधुनिकीकरण और नई उत्पादन लाइनों की स्थापना ने घरेलू आपूर्ति को सुदृढ़ किया है, जिससे आयात पर निर्भरता में कमी आई है। साथ ही, राष्ट्रीय स्टील नीति के तहत निर्यात को प्रोत्साहित करने के उपाय और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने से उद्योग की स्थिरता में योगदान मिला है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता या वैश्विक आर्थिक मंदी उत्पन्न होती है, तो खपत में अस्थायी गिरावट संभव है, इसलिए नीति निर्माताओं को निरंतर निगरानी और समायोजन की आवश्यकता होगी।