राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय वित्तीय और आर्थिक सुरक्षा में मास्टर्स के दूसरे बैच का शुभारंभ करेगा
Naitik Chakravarti Times
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राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने वित्तीय और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में मास्टर्स कार्यक्रम के दूसरे बैच का आरम्भ किया, जिससे देश की आर्थिक सुरक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (एनडीयू) ने आज घोषणा की है कि वह वित्तीय और आर्थिक सुरक्षा (FES) में मास्टर्स के दूसरे बैच का शुभारंभ करेगा। यह कार्यक्रम, जो पहले बैच में 2024 में आरम्भ हुआ था, का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय आतंकवाद, साइबर‑आर्थिक जोखिम, और वैश्विक आर्थिक नीतियों के बीच जटिल अंतःक्रियाओं के प्रति जागरूक बनाना है। एनडीयू के प्रमुख ने बताया कि यह दूसरा बैच उन विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के संगम पर काम करना चाहते हैं।
कार्यक्रम की पाठ्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय विनियमन, जोखिम प्रबंधन, साइबर-फ्रॉड विश्लेषण, और आर्थिक खुफिया पर गहन अध्ययन शामिल हैं। एनडीयू ने भारतीय रिजर्व बैंक, रक्षा विभाग और राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग स्थापित किया है, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक केस स्टडीज़ और इंटर्नशिप के अवसर मिलेंगे। प्रवेश प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ एक विस्तृत शोध प्रस्ताव और साक्षात्कार भी शामिल है, ताकि उम्मीदवारों की विश्लेषणात्मक क्षमताओं और रणनीतिक सोच का मूल्यांकन किया जा सके।
पहले बैच के स्नातक ने भारत के आर्थिक खुफिया नेटवर्क में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें विदेशी निवेश प्रवाह की निगरानी और वित्तीय शोषण के खिलाफ नीतिगत सिफारिशें शामिल हैं। एनडीयू के अनुसार, दूसरा बैच इसी दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे देश की रक्षा क्षमताओं में आर्थिक आयाम को और मजबूत किया जा सके। इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में आर्थिक और वित्तीय जोखिमों को एकीकृत कर रहा है, जिससे वैश्विक अस्थिरता के बीच भी आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी।