राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) ने वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए भारत सरकार को लाभांश प्रदान किया
Naitik Chakravarti Times
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एनएसआईसी ने 2025‑26 के वित्तीय वर्ष में अपनी शुद्ध आय से सरकार को लाभांश देने का निर्णय लिया, जिससे लघु उद्योगों के समर्थन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को बल मिला।
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी), जो भारत सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्रीय उद्यम है, ने वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में घोषणा की कि वह सरकार को लाभांश वितरित करेगा। यह कदम एनएसआईसी के वित्तीय स्वास्थ्य और उसके मिशन के अनुरूप है, जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमों (एसएमई) को वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन समर्थन प्रदान करता है।
एनएसआईसी की शुद्ध आय 2025‑26 में लगभग ₹1,200 करोड़ रही, जिसमें से ₹300 करोड़ का लाभांश सरकार को वितरित किया गया। यह राशि कंपनी के पूंजीगत लाभांश के रूप में सरकार को वापस दी गई, जिससे सार्वजनिक पूंजी में वृद्धि हुई और सरकार की पूंजी संरचना में सुधार हुआ। एनएसआईसी के अनुसार, यह लाभांश वितरण उसके पूंजीगत नीति के अनुसार है, जो कि शुद्ध आय के 20–25 प्रतिशत को लाभांश के रूप में वितरित करने का लक्ष्य रखता है।
इस निर्णय का लघु उद्योग क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लाभांश के रूप में सरकार को प्राप्त अतिरिक्त पूंजी का उपयोग एनएसआईसी द्वारा नई वित्तीय योजनाओं, प्रौद्योगिकी उन्नयन और निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रमों में निवेश के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, यह सरकार को एनएसआईसी के विकास में अधिक विश्वास दिलाता है, जिससे लघु उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता और नीति समर्थन को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। एनएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह कदम लघु उद्योगों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भविष्य में और अधिक निवेश एवं सहायता के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।