** राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) ने वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए भारत सरकार को लाभांश प्रदान किया
Naitik Chakravarti Times
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** एनएसआईसी ने इस वित्तीय वर्ष में अपने प्रदर्शन के आधार पर केंद्र सरकार को लाभांश वितरित किया, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की वित्तीय सुदृढ़ता और लघु उद्योग विकास में उनके योगदान की पुष्टि हुई।
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राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी), जो छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के विकास को प्रोत्साहित करने में प्रमुख सरकारी संस्थान है, ने वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए भारत सरकार को लाभांश प्रदान किया। यह निर्णय कंपनी की निरंतर आय वृद्धि और संचालनात्मक दक्षता के परिणामस्वरूप आया, जिसमें निर्यात‑उन्मुख लघु उद्योगों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार, नई वित्तीय सहायता योजनाओं का सफल कार्यान्वयन और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से ग्राहकों को तेज़ और पारदर्शी सेवाएँ प्रदान करना शामिल है। एनएसआईसी की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अवधि में संस्थान ने कुल राजस्व में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की, जिससे उसका शुद्ध लाभ भी पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
सरकार के प्रमुख अधिकारी इस कदम को सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की वित्तीय स्वास्थ्य की पुष्टि के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाभांश का भुगतान न केवल निगम की वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है, बल्कि लघु उद्योगों के लिए निरंतर समर्थन और नीति‑निर्माण में विश्वास को भी मजबूत करता है। इस लाभांश के माध्यम से सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, जिसे भविष्य में लघु उद्यमों की तकनीकी उन्नति, कौशल विकास और निर्यात प्रोत्साहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पुनः निवेश किया जा सकता है।
एनएसआईसी ने इस वर्ष कई नई पहलें भी शुरू की हैं, जैसे कि डिजिटल लोन प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार, क्लस्टर‑आधारित विकास मॉडल का कार्यान्वयन और सतत् ऊर्जा समाधान हेतु छोटे विनिर्माताओं को अनुदान प्रदान करना। इन प्रयासों ने न केवल संस्थान की आय में इज़ाफा किया है, बल्कि भारत के लघु उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र को भी सुदृढ़ किया है। इस प्रकार, सरकार को दिया गया लाभांश राष्ट्रीय आर्थिक नीति के लक्ष्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, जिससे भविष्य में लघु और मध्यम उद