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सरबानंद सोनोवाल ने 2047 तक तटीय व जलमार्ग माल ढुलाई की हिस्सेदारी को दोगुना कर 12% करने की योजना पेश की
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सरबानंद सोनोवाल ने 2047 तक तटीय व जलमार्ग माल ढुलाई की हिस्सेदारी को दोगुना कर 12% करने की योजना पेश की

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•4 नवंबर 2026 को 02:05 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

सरबानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय जलमार्ग विकास एजेंसी (NWDA) के तहत 2047 तक तटीय और अंतःनदी माल परिवहन को वर्तमान के लगभग दो गुना बढ़ाकर कुल माल ढुलाई का 12% बनाने की रणनीति प्रस्तुत की, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और पर्यावरणीय लाभ की आशा है।

सरबानंद सोनोवाल, जो राष्ट्रीय जलमार्ग विकास एजेंसी (NWDA) के प्रमुख हैं, ने आज एक विस्तृत योजना के माध्यम से भारत की तटीय और जलमार्ग माल ढुलाई (फ्रेट) हिस्सेदारी को 2047 तक वर्तमान के लगभग दो गुना कर 12% करने का लक्ष्य रखा। यह प्रस्ताव सरकार की जलमार्ग नीति के तहत जलमार्ग बुनियादी ढांचा, टर्मिनल सुविधाओं और आधुनिक बिंदु‑से‑बिंदु लॉजिस्टिक नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है। वर्तमान में तटीय और अंतःनदी माल परिवहन का राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 6% ही योगदान है, जबकि सड़क और रेल के माध्यम से 80% से अधिक माल परिवहन किया जाता है। सोनोवाल ने कहा कि जलमार्गों को अपनाने से ईंधन खपत में 30% तक की कमी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय घटाव संभव होगा, जिससे भारत के पर्यावरणीय लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

योजना के प्रमुख बिंदुओं में प्रमुख तटीय बंदरगाहों को जलमार्ग टर्मिनलों से जोड़ना, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बंगाल तथा गुजरात में नई अंतःनदी जलमार्ग परियोजनाओं को तेज़ी से कार्यान्वित करना, तथा निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सार्वजनिक‑निजी साझेदारी (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित करना शामिल है। इसके अलावा, आधुनिक बोरिंग और लोड‑हैंडलिंग उपकरणों की खरीद, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की स्थापना और जलमार्ग सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की भी योजना बनाई गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस योजना को समय पर लागू किया गया, तो भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में लगभग 15% तक की कमी और ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों को सस्ते परिवहन का लाभ मिल सकता है। हालांकि, जलमार्ग विकास में सड़कों और रेल के मुकाबले निवेश की उच्च प्रारंभिक लागत, सिचुयेशनल बदलते जल स्तर और पर्यावरणीय मंजूरी जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। सोनोवाल ने इन चुन
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